दमोह-कटनी फोरलेन को कैबिनेट मंजूरी, 105.10 किमी सड़क पर ₹4,470 करोड़ खर्च
दमोह। मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में दमोह-कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर जीएसटी समेत करीब ₹4,470.30 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
105.10 किमी लंबा होगा दमोह-कटनी फोरलेन
कैबिनेट की मंजूरी के बाद दमोह से कटनी के बीच मौजूदा सड़क को फोरलेन में विकसित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। करीब 105.10 किलोमीटर लंबी यह सड़क स्टेट हाईवे-63 (SH-63) के अंतर्गत आने वाले विंध्य विकास पथ प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इसका उद्देश्य सड़क की क्षमता बढ़ाने के साथ दमोह और कटनी के बीच आवागमन को बेहतर बनाना है।
₹4,470.30 करोड़ की मंजूर परियोजना
दमोह-कटनी फोरलेन परियोजना के लिए जीएसटी समेत ₹4,470.30 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह राशि परियोजना की कुल स्वीकृत लागत से संबंधित है। इससे पहले सामने आए करीब ₹1,745.67 करोड़ के आंकड़े को पुराने/पूर्व परियोजना अनुमान के रूप में देखा जाना चाहिए, इसे नई कुल स्वीकृत लागत से नहीं मिलाना चाहिए।
HAM मॉडल से होगा निर्माण
इस सड़क परियोजना को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए करीब ₹344.10 करोड़ का प्रावधान बताया गया है।
वन क्षेत्र से भी गुजरेगा सड़क मार्ग
परियोजना के प्रस्तावित मार्ग में करीब 4.7 किलोमीटर वन क्षेत्र भी शामिल है। वन भूमि और पर्यावरण से जुड़े प्रावधानों के लिए करीब ₹44.19 करोड़ का प्रावधान बताया गया है। परियोजना को आगे बढ़ाने में संबंधित भूमि, वन और अन्य आवश्यक मंजूरियों की प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी।
बुंदेलखंड और महाकौशल की कनेक्टिविटी होगी मजबूत
दमोह-कटनी फोरलेन बनने से बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। दमोह और कटनी के बीच बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रियों के साथ बस, माल परिवहन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को भी सुविधा मिल सकती है।
यह परियोजना दमोह को आसपास के प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने वाली सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फोरलेन मार्ग की क्षमता बढ़ने से मौजूदा यातायात दबाव को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना से जुड़ी आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया, भूमि अधिग्रहण, आवश्यक स्वीकृतियां और निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। निर्माण कार्य कब से शुरू होगा, इसकी अंतिम तारीख संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
दमोह-कटनी फोरलेन क्यों महत्वपूर्ण है?
- दमोह और कटनी के बीच 105.10 किमी लंबा फोरलेन मार्ग विकसित होगा।
- परियोजना पर करीब ₹4,470.30 करोड़ खर्च होंगे।
- यह मार्ग SH-63 और विंध्य विकास पथ परियोजना से जुड़ा है।
- बुंदेलखंड और महाकौशल के बीच सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- यात्रियों और माल परिवहन के लिए सड़क क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
स्रोत: मध्य प्रदेश कैबिनेट से संबंधित प्रकाशित रिपोर्टों और उपलब्ध परियोजना विवरणों के आधार पर।
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