Damoh News: पूर्व भाजपा पार्षद विक्रांत गुप्ता ने सोशल मीडिया पर साझा की मंजू राय को मिले नोटिस की कॉपी, नगर पालिका के कामकाज पर उठाए सवाल
दमोह नगर पालिका की राजनीति में फिर चर्चा, पूर्व पार्षद की पोस्ट में नोटिस और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा
दिनांक: 26 अक्टूबर 2026। दमोह नगर पालिका की अध्यक्ष मंजू राय को नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस को लेकर शहर की राजनीति में चर्चा तेज हो गई है। पूर्व भाजपा पार्षद विक्रांत गुप्ता उर्फ विक्की गुप्ता ने सोशल मीडिया पर नोटिस की कॉपी साझा करते हुए नगर पालिका के कामकाज और कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं।
मंजू राय को मिले नोटिस में तीन बिंदुओं पर मांगा गया जवाब
मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से 22 अक्टूबर 2026 को जारी कारण बताओ सूचना पत्र में तीन प्रमुख बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
1. परिषद की बैठकों में कमी का मामला
नोटिस के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 के बीच दमोह नगर पालिका परिषद की केवल तीन बैठकें 29 मार्च 2023, 14 अगस्त 2024 और 29 अप्रैल 2026 को आयोजित होने का उल्लेख है। विभाग ने मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 54 का हवाला देते हुए परिषद की कम से कम प्रत्येक दो महीने में एक बैठक और प्रत्येक समिति की हर महीने बैठक आयोजित किए जाने के प्रावधान का उल्लेख किया है।
2. बैठक की कार्यवाही रजिस्टर जांच समिति को उपलब्ध नहीं कराने का मामला
नोटिस में कहा गया है कि परिषद की बैठकों की कार्यवाही का रजिस्टर अध्यक्ष के पास होने की बात सामने आई और 11 सितंबर 2026 को सूचना दिए जाने के बावजूद इसे जांच समिति को निर्धारित समय तक उपलब्ध नहीं कराया गया। विभाग ने वर्ष 1998 के संबंधित नियमों के नियम 16 का उल्लेख करते हुए कार्यवाही का रिकॉर्ड रखने और पार्षदों को निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराने संबंधी प्रावधानों पर सवाल उठाए हैं।
3. छह निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति और भुगतान में कथित अनियमितताएं
नोटिस में कच्ची सड़कों पर मुरम डालने और गड्ढों की मरम्मत से जुड़े छह कार्यों की तकनीकी स्वीकृति तथा भुगतान रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों का उल्लेख है। इन कार्यों की कुल राशि ₹5,94,357 बताई गई है। विभागीय पत्र में मूल रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने, कार्यों के विवरण में अंतर और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड में विसंगतियों पर सवाल उठाए गए हैं। भुगतान मेसर्स ईशांत बिल्डकॉन कंस्ट्रक्शन, दमोह को किए जाने का उल्लेख भी पत्र में है। विभाग ने मामले में संभावित कूटरचना और नगर पालिका को नुकसान की आशंका जताते हुए जिम्मेदारी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है।
विभाग ने अध्यक्ष मंजू राय से नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा सकती है। यह कारण बताओ नोटिस है; इसमें उठाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय होना अभी बाकी है।
छह कार्यों के भुगतान में ₹5.94 लाख से अधिक की राशि का उल्लेख
नोटिस में छह कार्यों के लिए कुल ₹5,94,357 की राशि का उल्लेख है। ये कार्य कच्ची सड़कों पर मुरम डालने और गड्ढों की मरम्मत से संबंधित बताए गए हैं। विभागीय पत्र में तकनीकी स्वीकृति, कार्यों के विवरण और भुगतान रिकॉर्ड से जुड़ी विसंगतियों पर सवाल उठाए गए हैं।
विभाग ने मामले में अध्यक्ष की भूमिका सहित संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा है। मंजू राय को नोटिस प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर जवाब देने के लिए कहा गया है। निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।
विक्रांत गुप्ता ने सोशल मीडिया पोस्ट में उठाए सवाल
पूर्व भाजपा पार्षद विक्रांत गुप्ता ने नोटिस की कॉपी साझा करने के साथ अपनी पोस्ट में नगर पालिका के कामकाज, शहर की स्थिति और कथित भ्रष्टाचार को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने परिषद के कुछ पार्षदों की भूमिका और राजनीतिक समीकरणों पर भी सवाल उठाए।
गुप्ता ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शहरवासियों को उम्मीद थी कि नगर पालिका के नेतृत्व में शहर व्यवस्थित, साफ-सुथरा और हरा-भरा बनेगा, लेकिन उनके अनुसार शहर की स्थिति उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आरोपों की जांच चल रही है, उनके अलावा भी कई मुद्दों की जांच की जरूरत है।
जांच और जवाब के बाद स्पष्ट होगी आगे की स्थिति
यह मामला फिलहाल कारण बताओ नोटिस और उसमें उठाए गए सवालों के स्तर पर है। नोटिस जारी होना अपने आप में आरोपों की अंतिम पुष्टि नहीं है। संबंधित पक्ष का जवाब और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
दमोह नगर पालिका से जुड़े इस घटनाक्रम पर अब लोगों की नजर विभागीय कार्रवाई और अध्यक्ष की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर रहेगी।

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