दमोह में ऑपरेशन के दौरान सचिन अग्रवाल की मौत, कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश; परिजनों ने उठाए सवाल
वीडियो: सचिन अग्रवाल की मौत मामले में अग्रवाल समाज ने कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन
दमोह में सचिन अग्रवाल की मौत के मामले में अग्रवाल समाज और परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की।
दमोह। हिंडोरिया निवासी सचिन अग्रवाल की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के मामले में उनके परिजनों और अग्रवाल समाज ने निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार सचिन अग्रवाल 21 सितंबर 2026 को दमोह के स्टेशन चौराहा क्षेत्र स्थित निजी विद्या हॉस्पिटल पहुंचे थे। यहां हर्निया के ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की।
ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने उठाए सवाल
परिजनों के अनुसार सचिन ऑपरेशन से पहले सामान्य स्थिति में थे और अस्पताल पहुंचे थे। ऑपरेशन के बाद उनकी मौत की जानकारी मिलने पर परिवार में आक्रोश की स्थिति बनी। परिजनों ने अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और ऑपरेशन के दौरान हुई परिस्थितियों की जांच की मांग की है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप अभी जांच का विषय है। किसी डॉक्टर या अस्पताल को दोषी ठहराने का अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
एनेस्थीसिया और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की मांग
कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में अग्रवाल समाज और परिजनों ने एनेस्थीसिया देने की प्रक्रिया, संबंधित चिकित्सकीय योग्यता एवं अनुमति की जांच की मांग की है। इसके अलावा ऑपरेशन से जुड़े मेडिकल रिकॉर्ड, दवाओं और एनेस्थीसिया से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कराने की मांग रखी गई है।
समाजजनों का कहना है कि मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार से जुड़े दस्तावेजों की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि ऑपरेशन के दौरान कौन-कौन सी चिकित्सकीय प्रक्रियाएं अपनाई गईं और मरीज की स्थिति में किस समय बदलाव आया।
कलेक्टर ने जांच के निर्देश दिए
मामले को लेकर जिला प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश दिए गए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। ऑपरेशन थिएटर से जुड़े सीसीटीवी डेटा को सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जांच के दौरान आवश्यक तथ्य उपलब्ध रह सकें।
पोस्टमार्टम और मेडिकल रिपोर्ट से स्पष्ट होगी स्थिति
सचिन अग्रवाल की मौत के वास्तविक कारण और घटना के दौरान किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट होगा। ऐसे मामलों में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्य जांच के महत्वपूर्ण हिस्से हो सकते हैं।
प्रशासन की जांच में यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन या लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल अंतिम जिम्मेदारी तय होना बाकी है।
अग्रवाल समाज ने क्या मांग रखी?
ज्ञापन के माध्यम से समाज और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही पीड़ित परिवार को आवश्यक शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी गई है।
जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल सचिन अग्रवाल की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और प्रशासन की जांच, दोनों पहलू मामले में महत्वपूर्ण हैं। मृत्यु का वास्तविक कारण और किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
News Yug 24 इस मामले में प्रशासनिक जांच, मेडिकल रिपोर्ट या पुलिस की ओर से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर आगे के अपडेट प्रकाशित करेगा।
स्रोत नोट: यह खबर उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी, ज्ञापन से संबंधित विवरण और प्रकाशित स्थानीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। चिकित्सकीय लापरवाही से जुड़े आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक रिपोर्ट के बाद ही माना जाएगा।
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