दमोह विद्या हॉस्पिटल में हर्निया ऑपरेशन के दौरान सचिन अग्रवाल की मौत, जांच की मांग

 

दमोह में हर्निया ऑपरेशन के दौरान 40 वर्षीय सचिन अग्रवाल की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

विद्या हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा; पुलिस जांच के बाद परिजनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की

दमोह के विद्या हॉस्पिटल में हर्निया ऑपरेशन के दौरान 40 वर्षीय मरीज की मौत के मामले में जांच।

दमोह। रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित विद्या हॉस्पिटल में हर्निया का ऑपरेशन कराने पहुंचे 40 वर्षीय सचिन अग्रवाल की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की थी। बाद में परिजन और अग्रवाल समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

हर्निया के ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंचे थे सचिन अग्रवाल

जानकारी के अनुसार, हिंडोरिया निवासी सचिन अग्रवाल 21 सितंबर 2026 को हर्निया के ऑपरेशन के लिए दमोह के विद्या हॉस्पिटल पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी हालत सामान्य थी और वे स्वयं बाइक चलाकर अस्पताल आए थे। रात करीब 10 बजे उन्हें ऑपरेशन के लिए अंदर ले जाया गया। इसके बाद रात करीब 12 से 1 बजे के बीच परिजनों को उनकी मौत की जानकारी दी गई।

अचानक मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए इलाज की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। परिजनों ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान ऐसी स्थिति बनी, जिसके बाद सचिन की मौत हो गई। हालांकि मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण जांच और रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

मृतक के चचेरे भाई अमित अग्रवाल ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद सचिन की तबीयत बिगड़ने की जानकारी स्टाफ को दी गई थी, लेकिन परिवार को स्थिति के संबंध में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक से घटना की पूरी जानकारी सामने रखने की मांग की।

मृतक के चाचा राजेश अग्रवाल ने भी बताया कि सचिन अस्पताल पहुंचने से पहले सामान्य स्थिति में थे। परिवार ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

मौत की सूचना के बाद अस्पताल में हुआ हंगामा

मरीज की मौत की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल परिसर में परिजन और अन्य लोग एकत्रित हो गए। परिजनों ने इलाज की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए और डॉक्टर तथा अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जांच की मांग की। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला।

पुलिस ने मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को जांच का हिस्सा बनाया। शुरुआती स्तर पर पुलिस ने पोस्टमार्टम और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की बात कही थी।

पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण

एसआई बीएल पटेल के अनुसार, परिजनों की ओर से इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराया गया और पुलिस ने कहा कि रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने से पहले मौत के कारण या किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

बाद में कलेक्ट्रेट पहुंचे परिजन और अग्रवाल समाज

मामले में बाद में परिजन और अग्रवाल समाज के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। परिजनों ने ऑपरेशन के दौरान हुई घटनाओं की विस्तृत जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग रखी।

एनेस्थीसिया प्रक्रिया और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की मांग

ज्ञापन में परिजनों और समाजजनों ने ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गई एनेस्थीसिया प्रक्रिया, संबंधित चिकित्सकीय रिकॉर्ड, ऑपरेशन से जुड़े दस्तावेज, मरीज को दी गई दवाओं और अन्य मेडिकल रिकॉर्ड की जांच की मांग की।

इसके अलावा संबंधित चिकित्सक की योग्यता और ऑपरेशन से जुड़ी आवश्यक अनुमति एवं प्रक्रियाओं की भी जांच की मांग रखी गई। ये सभी मांगें फिलहाल शिकायत और ज्ञापन का हिस्सा हैं; इन पर अंतिम स्थिति प्रशासनिक और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

मामले को गंभीरता से लेते हुए दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जांच के निर्देश दिए। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार संबंधित अधिकारियों को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऑपरेशन थिएटर से जुड़े सीसीटीवी डाटा को सुरक्षित रखने के लिए भी कहा गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर जांच में इसका उपयोग किया जा सके।

कलेक्टर की ओर से यह भी कहा गया कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट भी जांच का हिस्सा

प्रशासनिक जांच के साथ पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन रिपोर्टों तथा मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारण और उपचार के दौरान हुई परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। रिपोर्टों के आधार पर ही आगे की वैधानिक कार्रवाई तय होगी।

अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टर का पक्ष

मामले में परिजनों ने डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उपलब्ध शुरुआती रिपोर्टों में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित चिकित्सक डॉ. पीतांबर बुधवानी का स्पष्ट पक्ष सामने नहीं आया था। यदि अस्पताल प्रबंधन या डॉक्टर की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आता है, तो खबर में उसका पक्ष भी शामिल किया जाना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

  • हिंडोरिया निवासी 40 वर्षीय सचिन अग्रवाल हर्निया के ऑपरेशन के लिए दमोह के विद्या हॉस्पिटल पहुंचे थे।
  • परिजनों के अनुसार ऑपरेशन से पहले उनकी हालत सामान्य थी।
  • ऑपरेशन के दौरान उनकी मौत हो गई।
  • मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
  • कोतवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और पोस्टमार्टम कराया।
  • बाद में परिजनों और अग्रवाल समाज ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
  • कलेक्टर ने मामले की जांच के निर्देश दिए और CCTV डाटा सुरक्षित रखने को कहा।
  • पोस्टमार्टम, विसरा, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति

सचिन अग्रवाल की मौत के मामले में परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप अभी जांच का विषय हैं। किसी चिकित्सक या अस्पताल को केवल आरोपों के आधार पर दोषी नहीं माना जा सकता। मौत का वास्तविक कारण और उपचार के दौरान किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई या नहीं, यह संबंधित जांच, पोस्टमार्टम/विसरा रिपोर्ट और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगा।

नोट: इस खबर में परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी ठहराने का निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।

स्रोत: पुलिस से प्राप्त जानकारी, परिजनों के बयान/ज्ञापन तथा उपलब्ध स्थानीय समाचार रिपोर्ट।

सीतानगर डैम में डूबे दूसरे युवक का शव बरामद, दिनेश पटेल की मौत

Post a Comment

0 Comments