Sagar Liquor Case: सागर जहरीली शराब कांड में 20 मौतें, रवि लखेरा गिरफ्तार; जांच का पूरा अपडेट

Sagar Liquor Case: जहरीली शराब कांड में मुख्य आरोपी रवि लखेरा गिरफ्तार, पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली

सागर जहरीली शराब कांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी रवि लखेरा की पुलिस हिरासत की तस्वीर।

सागर/मध्य प्रदेश। सागर जिले के बंडा क्षेत्र में सामने आए जहरीली शराब कांड की जांच में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी बताए जा रहे रवि लखेरा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर 2026 को उसे मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश सीमा के पास मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। इस दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस के मुताबिक रवि लखेरा पर अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है और उसकी गिरफ्तारी के लिए 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने उसके पास से 12 बोर का देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद करने की बात कही है।

पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के बाद हुई गिरफ्तारी

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि रवि लखेरा बरायठा क्षेत्र में हनुमान टोर मंदिर के आसपास छिपा हुआ है। इसके बाद बांदा और बरायठा थाना पुलिस की टीम ने इलाके में तलाश अभियान चलाया। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने टीम को देखकर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया और पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। जांच एजेंसियां अवैध शराब की तैयारी, सप्लाई और वितरण से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी रहीं।

सागर जहरीली शराब कांड में जांच का दायरा बढ़ा

सागर के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत और कई लोगों के बीमार होने का मामला सामने आया था। शुरुआती जांच में पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क और जहरीले पदार्थ के इस्तेमाल की आशंका पर जांच शुरू की थी।

जांच के दौरान मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच कथित सप्लाई लिंक को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने ललितपुर कनेक्शन को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस से साक्ष्य साझा करने की बात कही थी। इसलिए इस मामले में अलग-अलग एजेंसियों की जांच के निष्कर्षों को अंतिम मानने से पहले आधिकारिक जांच पूरी होना जरूरी है।

CM मोहन यादव ने लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए

घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अवैध शराब के कारोबार और मामले में संभावित लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाया। सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों और अवैध शराब नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर कार्रवाई की बात कही। बाद में मामले की न्यायिक जांच के लिए आयोग गठित किया गया।

न्यायिक जांच आयोग भी गठित

राज्य सरकार ने 12 सितंबर 2026 को सागर जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग गठित किया। इसके अध्यक्ष मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु प्रताप सिंह चौहान को बनाया गया। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार आयोग को घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच कर रिपोर्ट शासन को सौंपनी थी।

आगे की जांच में किन बिंदुओं पर नजर?

रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण है कि संदिग्ध शराब के निर्माण में किन लोगों की भूमिका थी, कच्चा माल कहां से आया, शराब किन माध्यमों से तैयार और वितरित की गई तथा पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

पुलिस की जांच और न्यायिक आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर और जिम्मेदारी से जुड़े तथ्य स्पष्ट होंगे। फिलहाल किसी भी आरोपी को दोषी ठहराने से पहले न्यायिक प्रक्रिया का पूरा होना जरूरी है।

सागर जहरीली शराब कांड: मामला क्यों गंभीर है?

यह मामला केवल अवैध शराब की बिक्री तक सीमित नहीं है। घटना ने शराब के अवैध निर्माण, जहरीले रसायनों के इस्तेमाल, निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे कई सवाल खड़े किए हैं। इसी वजह से पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ न्यायिक जांच को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्रोत: उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों, पुलिस कार्रवाई से संबंधित प्रकाशित जानकारी और सरकारी जांच से जुड़ी रिपोर्टों के आधार पर।

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