दमोह में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम पर उठे सवाल, सरकारी संसाधनों और तेल खर्च को लेकर पं. मनोज देवलिया ने जताई आपत्ति
दमोह में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम और कार्यक्रम को लेकर सवाल उठाने वाले पं. मनोज देवलिया की तस्वीर।
दमोह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत दमोह शहर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए गए। दमोह शहर में कोतवाली से घंटाघर तक बड़ी संख्या में दीप जलाए गए। कार्यक्रम को लेकर सनातनी युवा पं. मनोज देवलिया ने प्रशासनिक व्यवस्था, सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी, तेल के उपयोग और संभावित सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।
कोतवाली से घंटाघर तक हुआ दीप प्रज्वलन कार्यक्रम
दमोह शहर में कोतवाली से घंटाघर तक दीप प्रज्वलित किए गए। कार्यक्रम के दौरान मार्ग के एक हिस्से में आयोजन संबंधी गतिविधियां होने के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। पं. मनोज देवलिया ने इसी व्यवस्था को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा कि शहर के व्यस्त मार्ग पर इस तरह के आयोजन से आम लोगों को परेशानी हो सकती है।
उनका कहना है कि कार्यक्रम की तैयारियों और आयोजन के लिए सरकारी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। हालांकि कर्मचारियों की संख्या, ड्यूटी का आधिकारिक आदेश और उनके कार्यों को लेकर प्रशासन की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर सवाल
पं. देवलिया ने सवाल उठाया कि सरकारी कर्मचारी अपनी नियमित शासकीय जिम्मेदारियों के साथ इस आयोजन में किस आधार पर लगाए गए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि इस तरह की ड्यूटी से नियमित सरकारी कार्य प्रभावित हुए या नहीं।
इस मामले में प्रशासन की ओर से कर्मचारियों की ड्यूटी और आयोजन में उनकी आधिकारिक भूमिका को लेकर विस्तृत स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित विभाग की जानकारी जरूरी होगी।
दीप प्रज्वलन की परंपरा पर भी आपत्ति
पं. मनोज देवलिया ने दीप प्रज्वलन की परंपरा को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना है कि सनातन परंपरा में दीपक का उपयोग धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों सहित विभिन्न अवसरों पर किया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि किसी जीवित व्यक्ति के जन्मदिवस के अवसर पर इस तरह बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन आयोजित करने का औचित्य क्या है।
यह पं. देवलिया की व्यक्तिगत आपत्ति और धार्मिक परंपराओं की उनकी व्याख्या है। इसे किसी आधिकारिक धार्मिक निर्णय या सर्वमान्य मत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
तेल की खपत और सरकारी खर्च का मुद्दा
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दीप जलाए जाने के कारण तेल की खपत हुई। पं. देवलिया ने तेल की खरीद और उस पर होने वाले संभावित सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि सरकारी राशि का इस्तेमाल हुआ है तो खर्च का विवरण सार्वजनिक होना चाहिए।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में तेल की कुल मात्रा, खरीद दर, भुगतान राशि और आयोजन पर हुए कुल सरकारी खर्च का कोई प्रमाणित आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए किसी निश्चित राशि को सरकारी खर्च बताना फिलहाल उचित नहीं होगा।
कार्यक्रम के बाद बचे तेल को लेकर भी सवाल
कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मौके पर दीपकों को हटाने का काम शुरू हुआ। इस दौरान कुछ कर्मचारी दीपकों से बचा हुआ तेल बोतलों में एकत्र करते दिखाई दिए। यह दृश्य स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना।
नगर पालिका के एचओ से जानकारी लेने पर उन्होंने मामले की जानकारी नहीं होने की बात कही और विस्तृत जानकारी के लिए नगर पालिका सीएमओ से संपर्क करने की बात कही।
तेल की खरीद, उपयोग की गई मात्रा, कुल खर्च और कार्यक्रम के बाद एकत्र किए गए तेल के उपयोग से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी आयोजित हुए दीप प्रज्वलन कार्यक्रम
सेवा संकल्प अभियान के तहत दमोह जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी दीप प्रज्वलन कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई। कुछ स्थानों पर बड़ी संख्या में दीप जलाए जाने की बात कही गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में दीप और तेल की व्यवस्था के लिए राशि प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई या संबंधित ग्राम पंचायतों ने अपने स्तर पर खर्च किया, इसकी स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। यदि पंचायत स्तर पर खर्च किया गया है तो उसकी स्वीकृति, मद, भुगतान और बिल संबंधी जानकारी संबंधित पंचायत के रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकेगी।
कीर्ति स्तंभ पर फव्वारा और लाइट व्यवस्था भी दिखी चालू
इधर सेवा संकल्प अभियान से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान दमोह के कीर्ति स्तंभ चौराहे पर लंबे समय से बंद दिखाई देने वाला फव्वारा और लाइट व्यवस्था भी दोबारा चालू नजर आई। इससे चौराहे की सजावट और रोशनी बेहतर दिखाई दी।
हालांकि स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी चर्चा में रहा कि फव्वारा और लाइट व्यवस्था नियमित रूप से कितने समय तक संचालित रहेगी और इनके रखरखाव की व्यवस्था क्या है।
आधिकारिक जानकारी आने पर स्पष्ट होगी स्थिति
दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को लेकर एक ओर इसे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित जनभागीदारी और सामाजिक गतिविधि के रूप में देखा गया, वहीं पं. मनोज देवलिया ने सरकारी अमले की भागीदारी, यातायात व्यवस्था, तेल की खपत और संभावित सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।
अब आयोजन में हुए वास्तविक खर्च, तेल की खरीद एवं उपयोग, कर्मचारियों की ड्यूटी तथा कार्यक्रम के बाद बचे तेल के उपयोग को लेकर संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
स्रोत और स्पष्टीकरण
स्रोत नोट: यह खबर उपलब्ध स्थानीय जानकारी, मौके से मिली जानकारी और पं. मनोज देवलिया द्वारा उठाई गई आपत्तियों के आधार पर तैयार की गई है। तेल की मात्रा, सरकारी खर्च, कर्मचारियों की ड्यूटी और अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं से संबंधित आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
इस खबर में उठाए गए सवाल संबंधित व्यक्ति के बयान और उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। किसी भी विभाग या अधिकारी पर अनियमितता का निष्कर्ष बिना आधिकारिक दस्तावेज या जांच के नहीं निकाला गया है।
Damoh News: सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर, नागरिकों ने किया रक्तदान
0 Comments