दमोह जनसुनवाई में 223 आवेदनों पर सुनवाई, दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए महिला को मिली ₹5 हजार की सहायता
दमोह। जिला मुख्यालय पर आयोजित जनसुनवाई में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी समस्याएं, शिकायतें और मांगें प्रशासन के सामने रखीं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-10 (व्यारमा) में आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।
दमोह जनसुनवाई में आवेदकों की समस्याएं सुनते कलेक्टर प्रताप नारायण यादव एवं दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए आवेदिका को ₹5 हजार की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान करते कलेक्टर।
जनसुनवाई में 223 आवेदनों पर हुई सुनवाई
जनसुनवाई के दौरान कुल 223 आवेदनों पर सुनवाई की गई। इनमें लोगों ने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें और आवश्यकताओं को प्रशासन के सामने रखा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवेदनों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा निर्धारित समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई में आने वाले आवेदनों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनकी प्रकृति के अनुसार कार्रवाई की जाती है। इससे नागरिकों को अपनी समस्या के लिए प्रशासन के सामने सीधे आवेदन रखने का अवसर मिलता है।
दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए मां ने मांगी आर्थिक मदद
जनसुनवाई के दौरान दमोह नगर की जटाशंकर कॉलोनी निवासी प्रीति खंगार ने अपने दिव्यांग बेटे ऋषि खंगार के इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आवेदन दिया।
आवेदन पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आवेदिका को ₹5 हजार की आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। प्रशासन की ओर से दी गई यह सहायता उपचार से जुड़े खर्च में परिवार के लिए मददगार होगी।
आधार अपडेशन और स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी मिली
जनसुनवाई के साथ नागरिकों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान 20 लोगों का आधार अपडेशन किया गया, जबकि 140 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इससे जनसुनवाई में पहुंचे लोगों को अपनी प्रशासनिक समस्या रखने के साथ जरूरी नागरिक और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी मिला।
सामूहिक आवेदनों पर भी अधिकारियों ने सुनी समस्याएं
जनसुनवाई में व्यक्तिगत आवेदनों के अलावा कुछ सामूहिक आवेदन भी अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए गए। इन आवेदनों में संबंधित लोगों ने अपनी साझा समस्याओं और मांगों से प्रशासन को अवगत कराया। अधिकारियों को इन मामलों की जानकारी लेकर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश
कलेक्टर ने जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों को संबंधित विभागों को भेजते हुए उनके निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासन का जोर शिकायतों और मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवेदकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने पर रहा।
जनसुनवाई के दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति और डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जनसुनवाई में नागरिकों के लिए क्या रहा खास?
- 223 आवेदनों पर सुनवाई की गई।
- 20 लोगों का आधार अपडेशन किया गया।
- 140 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
- दिव्यांग बेटे के इलाज के लिए प्रीति खंगार को ₹5 हजार की सहायता दी गई।
- व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों तरह के आवेदन प्रशासन के सामने रखे गए।
- संबंधित अधिकारियों को आवेदनों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए गए।
दमोह जनसुनवाई का महत्व
जनसुनवाई प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए नागरिक अपनी समस्या, शिकायत या मांग संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकते हैं। गंभीर और जरूरतमंद मामलों में प्रशासन द्वारा नियमानुसार तत्काल सहायता या संबंधित विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं।
स्रोत: जिला प्रशासन, दमोह।
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