दमोह: जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई के बाद शिव सिंह लोधी की मौत, हिंडोरिया में हंगामा; 8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
हिनौता गांव में कार्रवाई के दौरान मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए; पुलिस का कहना है कि शिव सिंह मौके पर अचेत मिले थे, पोस्टमार्टम और जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र के हिनौता गांव में जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई के दौरान शिव सिंह लोधी की मौत के बाद मामला गंभीर हो गया। मौत की खबर के बाद हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताया। बाद में शव गांव पहुंचने पर भी तनाव की स्थिति बनी और पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव की घटना सामने आई।
जुआ फड़ पर पुलिस कार्रवाई के दौरान क्या हुआ?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार गुरुवार रात बांदकपुर चौकी और हिंडोरिया थाना पुलिस की टीम हिनौता गांव में कथित जुआ फड़ पर कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान कुछ लोग मौके से भागने लगे। इसी दौरान शिव सिंह लोधी अचेत अवस्था में मिले। पुलिसकर्मियों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर देने का प्रयास किया और बाद में हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
दूसरी ओर, मृतक के परिजनों का आरोप है कि शिव सिंह को पुलिस अपने साथ ले गई थी और पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। परिजनों का कहना है कि बाद में उन्हें शिव सिंह की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो चुकी थी।
हिंडोरिया अस्पताल में देर रात तक हंगामा
शिव सिंह की मौत की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी जताई गई और अधिकारियों के सामने निष्पक्ष जांच की मांग रखी गई। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने का प्रयास किया।
परिजनों ने पुलिस पर मारपीट के अलावा क्षेत्र में जुआ और अवैध शराब के कारोबार को कथित संरक्षण देने के आरोप भी लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी ने कार्रवाई के लिए गई पुलिस टीम के आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। यह कार्रवाई जांच पूरी होने से पहले विभागीय स्तर पर की गई है।
लाइन अटैच किए गए पुलिसकर्मियों में शामिल हैं:
एएसआई राजेंद्र मिश्रा
एएसआई रामकुमार सिंह
प्रधान आरक्षक संजय पाठक
प्रधान आरक्षक वीरेंद्र मिश्रा
आरक्षक अविनाश जाट
आरक्षक देवेंद्र ठाकुर
आरक्षक दीपचंद्र चौधरी
आरक्षक शिवसदन
पोस्टमार्टम के लिए शव सागर भेजा गया
शिव सिंह लोधी के शव का पोस्टमार्टम सागर मेडिकल कॉलेज में पैनल के माध्यम से कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच में सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
पुलिस ने मामले की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर जांच समिति बनाए जाने की जानकारी भी दी है। जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
शव गांव पहुंचने पर फिर बिगड़े हालात
पोस्टमार्टम के बाद जब शिव सिंह का शव हिनौता गांव पहुंचा तो बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस और प्रशासन का अतिरिक्त बल तैनात किया गया।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन की टीम पर पथराव की घटना भी सामने आई। इस दौरान दमोह एसडीएम सौरभ गंधर्व और कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की जानकारी सामने आई। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया।
मौत को लेकर दो अलग-अलग पक्ष
इस मामले में फिलहाल दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। मृतक के परिजन पुलिस कार्रवाई के दौरान मारपीट को मौत की वजह बता रहे हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि शिव सिंह कार्रवाई के दौरान अचेत अवस्था में मिले थे और उन्हें बचाने का प्रयास किया गया था।
ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच समिति की रिपोर्ट इस मामले में महत्वपूर्ण होगी। जांच पूरी होने से पहले किसी एक पक्ष के आरोप को अंतिम तथ्य मानना उचित नहीं होगा।
अंतिम संस्कार के बाद स्थिति सामान्य
पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद स्थिति को सामान्य करने के लिए क्षेत्र में पुलिस बल तैनात रखा गया। अधिकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई का भरोसा दिया।
क्या है मामले में आगे की प्रक्रिया?
अब जांच में पुलिस कार्रवाई का रिकॉर्ड, घटनास्थल से जुड़े तथ्य, मेडिकल दस्तावेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। इन्हीं तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि शिव सिंह लोधी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी स्तर पर लापरवाही या अन्य जिम्मेदारी तय होती है।
नोट: इस खबर में मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों और पुलिस द्वारा बताए गए घटनाक्रम को अलग-अलग रूप में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस पर लगाए गए मारपीट या संरक्षण के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने तक नहीं हुई है।
स्रोत: उपलब्ध स्थानीय रिपोर्टों, पुलिस अधिकारियों के बयानों और घटनाक्रम से संबंधित प्रकाशित जानकारी के आधार पर।
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