MP में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी, 351 बसें 7 शहरों में शुरू

 

MP में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी, 351 बसों से 7 शहरों में बढ़ेगी कनेक्टिविटी

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शुरू, भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने दिखाई हरी झंडी; इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन

मध्य प्रदेश में 351 बसों के साथ शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का सांकेतिक चित्र।

भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में फिर से शुरू किया गया है। 25 सितंबर 2026 को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सात शहरों के लिए कुल 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाई गई।

21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन की वापसी

मध्य प्रदेश में संगठित सरकारी बस परिवहन व्यवस्था के लंबे समय तक बंद रहने के बाद अब नई व्यवस्था के तहत सार्वजनिक बस सेवा शुरू की गई है। नई सेवा का उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। शुरुआती चरण में बसों का संचालन सात शहरों से किया जा रहा है।

351 बसें, 7 शहरों से शुरुआत

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के पहले चरण में कुल 351 बसें शामिल हैं। इनमें 120 इंटरसिटी और 231 इंट्रासिटी बसें हैं। सेवा के शुरुआती नेटवर्क में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, देवास, कटनी और भिंड को शामिल किया गया है।

शहरवार शुरुआती व्यवस्था में इंदौर को 145, भोपाल को 106 और जबलपुर को 67 बसें मिली हैं। इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 इंटरसिटी बसों का संचालन शुरू किया गया है।

इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों में क्या अंतर?

इंटरसिटी बसें दो या उससे अधिक शहरों के बीच यात्रियों को जोड़ेंगी, जबकि इंट्रासिटी बसें संबंधित शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। इससे शहरों के बीच यात्रा के साथ-साथ स्थानीय आवागमन के विकल्प भी बढ़ने की उम्मीद है।

बसों में GPS, CCTV और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं

नई सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। बसों में GPS, लाइव लोकेशन ट्रैकिंग, CCTV कैमरे और पैनिक बटन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बसों के संचालन और समय की निगरानी के लिए कमांड एवं कंट्रोल सेंटर तथा इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग किया जाएगा।

पैनिक बटन का उद्देश्य आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा में मदद करना है, जबकि GPS और लाइव ट्रैकिंग से बसों की स्थिति और संचालन पर नजर रखने में सहायता मिलेगी।

गांवों और शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का एक प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बाजार और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए शहरों तक आने-जाने वाले यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का विकल्प मिल सकता है।

राज्य सरकार ने आने वाले समय में इस सेवा को प्रदेश की अधिक ग्राम पंचायतों तक पहुंचाने की योजना बताई है। सरकार का लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क का चरणबद्ध विस्तार करना है।

पहले साल 1,500 और 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को शुरुआती 351 बसों से आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। पहले वर्ष में करीब 1,500 बसों तक नेटवर्क बढ़ाने और वर्ष 2031 तक 15,000 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है।

इस विस्तार के जरिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन की पहुंच बढ़ाने और यात्रियों को निजी परिवहन पर निर्भरता कम करने के विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

PPP मॉडल पर चलेगी नई बस सेवा

नई व्यवस्था पारंपरिक राज्य परिवहन निगम के पुराने मॉडल से अलग है। बस संचालन में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके तहत सरकार की निगरानी और नियमन के साथ निजी ऑपरेटरों की भागीदारी से बस सेवाएं संचालित की जाएंगी।

PM e-Bus सेवा से भी जोड़ा गया परिवहन नेटवर्क

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के साथ मध्य प्रदेश में PM e-Bus सेवा से जुड़ी पहल भी शुरू की गई। कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। इससे आने वाले समय में सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में काम किया जा सकता है।

यात्रियों को क्या फायदा होगा?

  • शहरों के बीच सार्वजनिक बस कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

  • शहरों के भीतर इंट्रासिटी बसों के विकल्प बढ़ेंगे।

  • GPS और लाइव ट्रैकिंग से बस संचालन की निगरानी आसान होगी।

  • पैनिक बटन और CCTV जैसी सुविधाओं से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।

  • आने वाले वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों तक सार्वजनिक परिवहन का विस्तार करने की योजना है।

मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन के लिए नई शुरुआत

351 बसों के साथ शुरू हुई मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के विस्तार की शुरुआती कड़ी है। फिलहाल सात शहरों को जोड़ा गया है, जबकि सरकार ने आने वाले वर्षों में बसों की संख्या और रूट दोनों बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।

यदि निर्धारित विस्तार योजना लागू होती है तो प्रदेश के शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सार्वजनिक बस कनेक्टिविटी बढ़ सकती है। यात्रियों के लिए सेवा की नियमितता, किराया, समय-सारणी और रूट का प्रभावी संचालन इस योजना की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

स्रोत: मध्य प्रदेश सरकार की जानकारी एवं प्रकाशित समाचार रिपोर्टों के आधार पर।

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