उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: सड़क चौड़ीकरण के दौरान हिस्से को नुकसान, पहले पथराव-आंसू गैस के बाद बढ़ी सुरक्षा
उज्जैन, मध्य प्रदेश। उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाने को लेकर सितंबर के अंत में शुरू हुआ विवाद अब एक नए घटनाक्रम के बाद फिर चर्चा में है। 28 सितंबर को कार्रवाई के दौरान तनाव, पथराव और पुलिस की ओर से आंसू गैस के इस्तेमाल की स्थिति बनी थी। इसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।
अब 1 अक्टूबर 2026 को सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया के दौरान शाही मस्जिद के एक हिस्से को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह के अनुसार, छत्री चौक स्थित मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान यह घटना हुई और इसमें किसी व्यक्ति के घायल होने की जानकारी नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा है सड़क चौड़ीकरण
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर में सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई विकास कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कुछ सड़कों को चौड़ा करने की योजना के तहत निर्माणों को प्रस्तावित सड़क सीमा में चिह्नित किया गया है। शाही मस्जिद का एक हिस्सा भी सड़क की प्रस्तावित सीमा में आने के कारण प्रभावित हुआ है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संबंधित सड़क को करीब 15 मीटर तक चौड़ा करने की योजना है। इस परियोजना के तहत कई संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है।
28 सितंबर को पथराव और आंसू गैस से बिगड़ा था माहौल
28 सितंबर को शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे थे। स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और पुलिसकर्मियों पर पथराव की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, इलाके में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस ने घटनास्थल के वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शुरू की। 15 लोगों को हिरासत में लेने और 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने पर सहमति की बात
28 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ के समक्ष संबंधित पक्षों की ओर से नगर निगम के साथ समझौते की जानकारी रखी गई थी। इसके बाद अदालत ने संबंधित याचिकाओं का निपटारा कर दिया। रिपोर्टों के अनुसार, समझौते के तहत सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
इसी प्रक्रिया के तहत मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों की ओर से प्रभावित हिस्से को हटाने का काम भी आगे बढ़ाया गया। 28 सितंबर को प्रशासन ने बताया था कि मस्जिद समिति की ओर से ही प्रभावित हिस्से को हटाने का काम शुरू किया गया था।
1 अक्टूबर को हटाने के दौरान हिस्से को नुकसान
1 अक्टूबर को सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने के दौरान मस्जिद के एक हिस्से को नुकसान पहुंचा। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, नगर निगम द्वारा मीनार हटाने के दौरान मस्जिद का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। वहीं प्रशासन की ओर से कहा गया कि इस घटना में कोई जनहानि या चोट नहीं हुई।
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि मीनार हटाने के दौरान वह मस्जिद के गुंबद और पहली मंजिल की ओर गिर गई। हालांकि, प्रशासन की ओर से घटना को लेकर यह कहा गया कि प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया चल रही थी और किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई।
सोशल मीडिया पर अफवाहों को लेकर पुलिस सतर्क
विवाद के दौरान सोशल मीडिया पर घटनाक्रम से जुड़े कई वीडियो और दावे प्रसारित हुए। पुलिस ने कथित तौर पर भ्रामक या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर भी कार्रवाई शुरू की। कुछ रिपोर्टों में AI से बनाए गए भ्रामक वीडियो के जरिए लोगों को गुमराह किए जाने की बात पुलिस के हवाले से सामने आई।
प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपुष्ट वीडियो, तस्वीरों और सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें और किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई
28 सितंबर की घटना के बाद शाही मस्जिद और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस बल के साथ निगरानी, CCTV और ड्रोन के जरिए भी स्थिति पर नजर रखने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन का कहना है कि प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अफवाहों को फैलने से रोकना है।
सड़क चौड़ीकरण और विरासत संरक्षण को लेकर चर्चा
शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने की कार्रवाई ने सड़क विकास और धार्मिक/ऐतिहासिक संरचनाओं के संरक्षण को लेकर भी चर्चा पैदा की है। प्रशासन की ओर से इसे सड़क चौड़ीकरण और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों से जुड़ा कार्य बताया गया है, जबकि मस्जिद से जुड़े कुछ लोगों ने कार्रवाई की प्रक्रिया और जल्दबाजी पर सवाल उठाए हैं।
ऐसे में पूरे मामले में प्रशासनिक निर्णय, न्यायालय में हुई कार्यवाही और मौके पर हुई घटनाओं को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है।
Source Note:
यह रिपोर्ट 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक प्रकाशित Indian Express, NDTV, New Indian Express और अन्य उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर अपडेट की गई है।
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