BRICS पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता तेज, UNGA में जयशंकर-लावरोव की मुलाकात में सहयोग पर चर्चा
नई दिल्ली/न्यूयॉर्क। भारत की BRICS कूटनीति को लेकर गतिविधियां लगातार जारी हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 25 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के हाई-लेवल वीक के दौरान न्यूयॉर्क में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। बैठक में भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों के साथ BRICS सहयोग और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
जयशंकर ने बैठक के बाद बताया कि दोनों पक्षों ने कई मौजूदा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों तथा BRICS सहयोग की समीक्षा की। यह बैठक ऐसे समय हुई जब भारत ने इसी महीने नई दिल्ली में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी।
नई दिल्ली में हुआ 18वां BRICS शिखर सम्मेलन
18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुआ। सम्मेलन की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थी। नई दिल्ली घोषणा-पत्र में राजनीतिक एवं सुरक्षा, आर्थिक एवं वित्तीय तथा सांस्कृतिक एवं जन-से-जन सहयोग के तीन प्रमुख क्षेत्रों में BRICS सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
घोषणा-पत्र में भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता की सराहना की गई और 2027 में चीन की BRICS अध्यक्षता तथा चीन में 19वें BRICS शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए पूर्ण समर्थन दर्ज किया गया।
भारत-रूस संबंधों के साथ BRICS सहयोग पर फोकस
जयशंकर-लावरोव बैठक में भारत और रूस के द्विपक्षीय संबंधों के साथ BRICS के भीतर सहयोग की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारत की ओर से BRICS को वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संवाद के महत्वपूर्ण मंच के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर रहा है।
नई दिल्ली घोषणा-पत्र में BRICS देशों ने वैश्विक शासन व्यवस्था में विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की अधिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व की आवश्यकता दोहराई। साथ ही बहुपक्षवाद, आर्थिक सहयोग, तकनीक, सतत विकास और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।
मोदी-शी जिनपिंग की भी BRICS सम्मेलन से इतर मुलाकात
BRICS सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 12 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी द्विपक्षीय मुलाकात की थी। दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों, सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को 2027 की BRICS अध्यक्षता के लिए शुभकामनाएं भी दी थीं।
BRICS में भारत की आगे की भूमिका
भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता के दौरान विभिन्न मंत्रीस्तरीय बैठकों और कार्यक्रमों के जरिए सहयोग के कई क्षेत्रों पर काम हुआ। नई दिल्ली घोषणा-पत्र में भारत की अध्यक्षता के दौरान हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए BRICS सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
निष्कर्ष: नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के बाद भी भारत की कूटनीतिक गतिविधियां जारी हैं। UNGA-81 के दौरान जयशंकर और लावरोव की बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ BRICS सहयोग की समीक्षा हुई, जबकि 2027 में चीन की अध्यक्षता के साथ संगठन के अगले चरण की दिशा तय हो चुकी है।
स्रोत: भारत सरकार का BRICS नई दिल्ली घोषणा-पत्र और प्रधानमंत्री कार्यालय की जानकारी।
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