दमोह अनाथ आश्रम की जमीन मामला: CM हेल्पलाइन में अतिक्रमण हटाने का दावा, अब राजस्व टीम ने किया मौके का निरीक्षण
दमोह, 8 अक्टूबर 2026। स्टेशन रोड स्थित धर्मस्य अनाथ आश्रम की शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और 23 दुकानों को लेकर सामने आए मामले में अब प्रशासनिक स्तर पर एक नया अपडेट सामने आया है। CM हेल्पलाइन में अतिक्रमण हटाए जाने का उल्लेख होने के बाद राजस्व विभाग की चार सदस्यीय टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने संबंधित लोगों से आवासीय मकानों और दुकानों से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। मौके पर शिकायतकर्ता अजय यादव भी मौजूद रहे।
फोटो स्लाइड करने के लिए मोबाइल पर बाएं या दाएं स्वाइप करें।
CM हेल्पलाइन में क्या दर्ज हुआ?
13 अगस्त 2026 को दर्ज शिकायत क्रमांक 39971135 में स्टेशन रोड स्थित धर्मस्य अनाथ आश्रम की शासकीय भूमि से कथित अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। शिकायत में खसरा नंबर 455, 456, शीट नंबर 40 और प्लाट नंबर 231 की भूमि का उल्लेख किया गया था।
शिकायतकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया था कि संबंधित भूमि पर दुकानें संचालित हो रही हैं और उनसे किराया वसूले जाने की बात भी शिकायत में कही गई थी। शिकायत में अतिक्रमण हटाने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई थी।
इसके बाद CM हेल्पलाइन के 17 सितंबर 2026 के रिकॉर्ड में सर्वेयर शाखा प्रभारी द्वारा प्रस्तुत फोटोग्राफ पंचनामा के आधार पर संबंधित स्थान से शासकीय भूमि पर किया गया अतिक्रमण हटवाए जाने का उल्लेख किया गया।
इसी आधार पर शिकायत को मांग आधारित श्रेणी में बंद करने की अनुशंसा की गई। 21 सितंबर 2026 के रिकॉर्ड में L-2 अधिकारी द्वारा भी प्रस्तुत प्रतिवेदन से सहमति जताए जाने का उल्लेख है।
शिकायतकर्ता ने निराकरण पर जताई असहमति
शिकायतकर्ता अजय यादव ने CM हेल्पलाइन में दर्ज निराकरण पर असहमति जताई। उनका कहना है कि मौके पर दुकानें अब भी मौजूद हैं और इस स्थिति को देखते हुए मामले की दोबारा जांच की जानी चाहिए।
शिकायतकर्ता के इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि News Yug 24 द्वारा नहीं की गई है। मौके की वास्तविक स्थिति प्रशासनिक निरीक्षण, राजस्व रिकॉर्ड और उपलब्ध दस्तावेजों के सत्यापन से स्पष्ट हो सकती है।
News Yug 24 की खबर का असर: राजस्व टीम ने किया निरीक्षण
मामले को लेकर News Yug 24 की रिपोर्ट सामने आने के बाद अब राजस्व विभाग की चार सदस्यीय टीम ने संबंधित स्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौके पर पहुंचकर भूमि और वहां मौजूद निर्माण की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार राकेश प्रजापति, राजस्व निरीक्षक गोरीशंकर अहिरवार, सुरेश खटीक और दमोह खास पटवारी तिलक यादव मौजूद रहे।
दुकानों और मकानों के दस्तावेज मांगे गए
राजस्व टीम ने निरीक्षण के दौरान संबंधित लोगों से आवासीय मकानों और दुकानों से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा। इन दस्तावेजों के आधार पर जमीन के उपयोग, निर्माण और संबंधित दावों का सत्यापन किया जा सकता है।
मामले में राजस्व रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान महत्वपूर्ण रहेगा। दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि और निर्माण के संबंध में आगे किस प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की आवश्यकता है।
निरीक्षण के दौरान शिकायतकर्ता अजय यादव भी मौजूद
शिकायतकर्ता अजय यादव निरीक्षण के दौरान मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने मामले से संबंधित अपनी शिकायत और मौके की स्थिति के बारे में जानकारी अधिकारियों के सामने रखी।
2025 के नगर पालिका नोटिस से भी जुड़ा है मामला
इस मामले में 25 फरवरी 2025 को नगर पालिका परिषद दमोह द्वारा जारी एक नोटिस भी सामने आया था। नोटिस में खसरा नंबर 455, 456, नजूल शीट नंबर 40 और प्लाट नंबर 231 की भूमि का उल्लेख करते हुए अप्राधिकृत निर्माण से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने अथवा निर्माण हटाने के लिए कहा गया था।
नोटिस में निर्धारित अवधि में पालन नहीं होने की स्थिति में नगर पालिका द्वारा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का उल्लेख था।
शिकायतकर्ता ने मांगी संयुक्त जांच
शिकायतकर्ता की ओर से मामले की पुनः जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही SDM, तहसीलदार, नगर पालिका CMO और राजस्व अधिकारियों की संयुक्त टीम से मौके का निरीक्षण कराने की मांग भी की गई है।
मौके की वर्तमान स्थिति का रिकॉर्ड तैयार करने के लिए सीमांकन, वीडियोग्राफी और पंचनामा जैसी प्रक्रिया की मांग भी सामने आई है।
फोटोग्राफ पंचनामा को लेकर भी सवाल
शिकायतकर्ता ने CM हेल्पलाइन में उल्लेखित फोटोग्राफ पंचनामा की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाया गया था तो संबंधित कार्रवाई के दस्तावेज, पंचनामा और उपलब्ध फोटो-वीडियोग्राफी रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में लिए जाने चाहिए।
News Yug 24 फोटोग्राफ पंचनामा की वैधता या कार्रवाई की वास्तविकता पर स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं दे रहा है। इसके लिए संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और मौके की प्रशासनिक जांच आवश्यक है।
अब प्रशासनिक जांच और दस्तावेजों के सत्यापन पर नजर
CM हेल्पलाइन रिकॉर्ड में अतिक्रमण हटाए जाने का उल्लेख, शिकायतकर्ता की असहमति और अब राजस्व टीम द्वारा मौके के निरीक्षण के बाद मामले में दस्तावेजों और मौके की वास्तविक स्थिति का सत्यापन महत्वपूर्ण हो गया है।
चार सदस्यीय राजस्व टीम द्वारा निरीक्षण किए जाने और संबंधित लोगों से दस्तावेज मांगे जाने के बाद अब आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पर नजर रहेगी। दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मामले की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण: इस रिपोर्ट में किसी व्यक्ति या निर्माण को अंतिम रूप से अतिक्रमण साबित नहीं बताया गया है। CM हेल्पलाइन रिकॉर्ड, शिकायतकर्ता के दावे और मौके पर हुए प्रशासनिक निरीक्षण को अलग-अलग तथ्य के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अंतिम स्थिति संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।
News Yug 24 ने इस रिपोर्ट में CM हेल्पलाइन रिकॉर्ड, नगर पालिका के उपलब्ध नोटिस और शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के साथ मौके पर हुए प्रशासनिक निरीक्षण से संबंधित जानकारी को आधार बनाया है।
स्रोत: CM हेल्पलाइन रिकॉर्ड, नगर पालिका परिषद दमोह का उपलब्ध नोटिस, मौके पर उपलब्ध जानकारी एवं शिकायतकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी।
फोटो क्रेडिट: News Yug 24
0 Comments