दमोह में कैल्शियम कार्बाइड गन पर प्रतिबंध, निर्माण-बिक्री और उपयोग पर रोक

 

दमोह जिले में कैल्शियम कार्बाइड गन पर प्रतिबंध, निर्माण से लेकर बिक्री और उपयोग तक पर रहेगी रोक

दमोह, 24 अक्टूबर 2026। मध्यप्रदेश के दमोह जिले में जनसुरक्षा और लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से अवैध कैल्शियम कार्बाइड गन (देशी गन) के उपयोग, निर्माण, भंडारण और विक्रय पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रताप नारायण यादव ने इस संबंध में प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Damoh Collector Order dated 23 October 2026 banning calcium carbide guns
Caption: दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव का कैल्शियम कार्बाइड गन पर प्रतिबंधात्मक आदेश, दिनांक 23 अक्टूबर 2026।

त्योहारों के दौरान पटाखों और अन्य विस्फोटक जैसी गतिविधियों से होने वाली दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है। कैल्शियम कार्बाइड से संचालित देशी गन का उपयोग कई स्थानों पर तेज आवाज पैदा करने के लिए किया जाता है। हालांकि, इनका असुरक्षित इस्तेमाल गंभीर हादसों का कारण बन सकता है।

जनसुरक्षा और लोकशांति को ध्यान में रखकर फैसला

जिला प्रशासन का उद्देश्य ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाना है, जिनसे आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कैल्शियम कार्बाइड गन का निर्माण और उपयोग अक्सर स्थानीय स्तर पर किया जाता है। इनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री तथा गैस के कारण दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।

प्रतिबंध के दायरे में अवैध कैल्शियम कार्बाइड गन का निर्माण, भंडारण, विक्रय और उपयोग शामिल है। ऐसे उपकरणों को तैयार करने या इस्तेमाल करने से सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रशासन ने संबंधित गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

क्या होती है कैल्शियम कार्बाइड गन?

कैल्शियम कार्बाइड गन को सामान्य बोलचाल में देशी गन भी कहा जाता है। यह एक स्थानीय स्तर पर तैयार किया जाने वाला उपकरण है, जिसमें कैल्शियम कार्बाइड और पानी की रासायनिक प्रतिक्रिया से एसीटिलीन गैस बनती है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और चिंगारी के संपर्क में आने पर तेज आवाज के साथ जल सकती है।

इस प्रक्रिया में गैस के दबाव और आग के कारण उपकरण फटने या उसके हिस्से बाहर निकलने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में इसका इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के साथ आसपास मौजूद लोगों को भी चोट लग सकती है।

आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर नुकसान का खतरा

कैल्शियम कार्बाइड गन का असुरक्षित उपयोग विशेष रूप से बच्चों और युवाओं के लिए खतरनाक हो सकता है। उपकरण में विस्फोट होने पर आंखों और चेहरे पर गंभीर चोट लग सकती है। इसके अलावा त्वचा के जलने, आग लगने और आसपास की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका भी रहती है।

त्योहारों के दौरान सार्वजनिक स्थानों, बाजारों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल दूसरे लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है। तेज धमाके से लोगों में घबराहट और अव्यवस्था की स्थिति बन सकती है।

निर्माण, भंडारण और बिक्री पर भी कार्रवाई

प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य केवल कैल्शियम कार्बाइड गन के इस्तेमाल को रोकना नहीं, बल्कि इनके अवैध निर्माण और बाजार में उपलब्धता पर भी नियंत्रण करना है। निर्माण या बिक्री के लिए सामग्री उपलब्ध कराने तथा ऐसे उपकरणों का भंडारण करने जैसी गतिविधियां भी प्रशासन की कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं।

आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। संबंधित विभागों और पुलिस की भूमिका प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण रहेगी।

त्योहारों के दौरान सावधानी बरतने की अपील

त्योहारों के समय लोग उत्साह में कई बार ऐसे खतरनाक उपकरणों का इस्तेमाल कर लेते हैं, जिनसे खुद के साथ दूसरे लोगों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। कैल्शियम कार्बाइड गन को सामान्य पटाखे की तरह इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं है।

नागरिकों को चाहिए कि वे प्रतिबंधित उपकरणों का उपयोग न करें और बच्चों को भी इनसे दूर रखें। यदि कहीं अवैध निर्माण, बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी मिलती है, तो संबंधित प्रशासन या पुलिस को सूचित किया जा सकता है।

नियमों का पालन करना जरूरी

दमोह जिले में जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उद्देश्य किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में जिले के लोगों, दुकानदारों और अन्य संबंधित व्यक्तियों से अपेक्षा है कि वे आदेश का पालन करें।

कैल्शियम कार्बाइड गन का निर्माण, भंडारण, विक्रय या उपयोग करने से बचें। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति को वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

नोट: प्रतिबंधात्मक आदेश की प्रभावी अवधि, लागू वैधानिक धारा और विस्तृत शर्तों की पुष्टि आधिकारिक आदेश की प्रति से की जानी चाहिए।

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