दमोह में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
दमोह में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद प्रदर्शन और प्रशासनिक कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
दमोह शहर के नूरी नगर-सिताबावरी और बजरिया-7 क्षेत्र में गोवंश के अवशेष मिलने के बाद शनिवार को तनाव की स्थिति बन गई। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गौसेवकों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी तथा सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर घंटाघर पर प्रदर्शन किया।
स्थानीय गौसेवकों और विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों ने दावा किया कि मौके पर एक गर्भवती गाय के अवशेष और उसके बच्चे का शव मिला। वहीं एक अन्य गाय को बचाए जाने की बात भी कही गई। इन दावों की वास्तविक परिस्थितियों की पुष्टि पुलिस जांच के माध्यम से होना बाकी है।
पुलिस ने अवशेष बरामद कर जांच शुरू की
घटना की सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मिले अवशेषों को कब्जे में लिया और मामले की जांच शुरू की। पुलिस की जांच का उद्देश्य घटना में शामिल लोगों की पहचान और पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना है।
बाद की पुलिस कार्रवाई में चार आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज किए जाने और दो आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी बताई गई है।
घंटाघर पर हुआ प्रदर्शन
घटना के विरोध में प्रदर्शनकारी घंटाघर पहुंचे। यहां आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ भी किया गया। कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ और आसपास के बाजार में बंद का असर दिखाई दिया।
कलेक्टर और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से की बात
स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन की ओर से कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।
बाद में प्रशासन ने की कार्रवाई
मामले के बाद सागर रेंज के डीआईजी शशिंद्र सिंह चौहान ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद पुलिस, नगर पालिका और अन्य विभागों की संयुक्त टीम ने चिन्हित अतिक्रमणों और निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 मकानों और निर्माणों को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
यह कार्रवाई किस-किस निर्माण के खिलाफ और किस प्रशासनिक आधार पर की गई, इसकी जानकारी संबंधित विभागों के आधिकारिक रिकॉर्ड से स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है।
रसराज महाराज ने भी जताया विरोध
घटना का मुद्दा घंटाघर स्थित श्री देव जानकी रमण बूंदाबहु मंदिर में चल रही कथा के दौरान भी उठा। रसराज महाराज ने घटना पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस जांच जारी
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद घटना की वास्तविक परिस्थितियां और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होगी। News Yug 24 पाठकों को मामले में सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी के आधार पर आगे के अपडेट उपलब्ध कराएगा।
स्रोत नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध पुलिस/प्रशासनिक जानकारी और स्थानीय स्तर पर सामने आए बयानों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में प्रस्तुत किया गया है; अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
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